अंगूर सुखाने के तीन तरीक़े
व्यावसायिक रूप से अंगूर तीन तरीक़ों से सुखाए जाते हैं: खुली धूप में सुखाना (पारंपरिक, धीमा, मौसम पर निर्भर), गंधक की धुआँ देकर सुखाना (तेज़, रंग बना रहता है, पर SO₂ का अंश रह जाता है), या मशीनी गरम-हवा से सुखाना (तेज़, बहुत ऊर्जा लगती है, ऊँचे तापमान पर गर्मी-संवेदनशील पोषक तत्व घट सकते हैं)।

हमने सोलर क्यों चुना
सोलर ड्रायर जैसे ढांचे की मदद से (जो धूल और कीटों से बचाता है) सीधी और परोक्ष धूप में सुखाने पर अंगूर की नमी सामान्य से हल्के तापमान पर धीरे-धीरे निकलती है। तेज़ गर्मी वाली मशीनी सुखाई के मुक़ाबले यह धीमी प्रक्रिया फल की प्राकृतिक शर्करा और एंटीऑक्सीडेंट के लिए ज़्यादा सौम्य है, और किसी भी चरण में सल्फर या रासायनिक चीज़ों की ज़रूरत नहीं पड़ती।
सच्चाई: फ़ायदे और कमियां
सोलर सुखाई में औद्योगिक तरीकों से कई दिन ज़्यादा लगते हैं और मौसम का असर भी ज़्यादा पड़ता है। इसीलिए हमने अपने खेत पर 1,100 वर्ग फ़ुट की अलग सोलर सुखाई इकाई बनाई, ताकि धूप में सुखाने का तरीका छोड़े बिना प्रक्रिया ज़्यादा एक जैसी और साफ़-सुथरी रहे।
छोटा जवाब
सोलर सुखाई धीमी है और मौसम पर निर्भर है, लेकिन इसमें न सल्फर चाहिए न तेज़ गर्मी। इसीलिए हम इसी पर टिके हैं, और मशीनी डिहाइड्रेशन अपनाने के बजाय बेहतर सोलर ढांचे में निवेश कर रहे हैं।
